
अपडेट किया गया : 11-Mar-2025, 03:45:15 pm
भारत हरित भविष्य की ओर कदम बढ़ा रहा है। राष्ट्रीय ग्रीन हाइड्रोजन मिशन के तहत, देश ने हाइड्रोजन-संचालित वाणिज्यिक वाहनों के परीक्षण के लिए पांच प्रमुख पायलट प्रोजेक्ट शुरू किए हैं। 37 ट्रकों और बसों का एक बेड़ा—15 हाइड्रोजन फ्यूल सेल से लैस और 22 हाइड्रोजन आंतरिक दहन इंजनों (ICE) पर आधारित—देश की सड़कों पर परीक्षण के लिए तैयार है। ये वाहन भारत के दस प्रमुख मार्गों पर संचालित होंगे।
ये आधुनिक वाहन केवल एक ही परीक्षण स्थल तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि विभिन्न जलवायु और भौगोलिक परिस्थितियों में प्रमुख परिवहन गलियारों से गुजरेंगे। चुने गए मार्ग हैं:
इसके अलावा, केरल, उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश और गुजरात में भी अतिरिक्त मार्गों पर परीक्षण किया जाएगा, जिससे हाइड्रोजन-संचालित परिवहन प्रणाली की व्यापक जांच सुनिश्चित होगी। इस पहल को समर्थन देने के लिए नौ विशेष हाइड्रोजन ईंधन भरने वाले स्टेशन भी स्थापित किए जाएंगे।
यह पहल केवल सरकारी प्रयास नहीं है, बल्कि इसमें भारत के कुछ सबसे बड़े औद्योगिक समूह भागीदार हैं:
सरकार ने इस परियोजना के लिए ₹208 करोड़ ($25 मिलियन) का वित्तीय समर्थन प्रदान किया है, जिससे ये पायलट परियोजनाएं महज़ प्रयोग न रहकर, हाइड्रोजन-संचालित परिवहन क्रांति की नींव बनेंगी।
भारत का वाणिज्यिक परिवहन क्षेत्र ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में सबसे बड़ा योगदानकर्ता है। डीजल-संचालित ट्रक और बसें बड़ी मात्रा में ईंधन खपत करती हैं और वायु प्रदूषण बढ़ाती हैं। हाइड्रोजन, एक शून्य-उत्सर्जन विकल्प, इस उद्योग के लिए एक गेम-चेंजर साबित हो सकता है।

अगले 18 से 24 महीने बेहद महत्वपूर्ण होंगे। इन हाइड्रोजन-संचालित वाहनों को प्रदर्शन, दक्षता और आर्थिक व्यवहार्यता के लिए गहन परीक्षण से गुज़रना होगा। सरकार और उद्योग जगत इन बिंदुओं पर मूल्यांकन करेंगे:
टाटा मोटर्स पहले ही संकेत दे चुकी है कि वह अगले एक-दो वर्षों में हाइड्रोजन-संचालित ट्रकों की व्यावसायिक बिक्री शुरू कर सकती है। यह भारत के परिवहन परिदृश्य में एक ऐतिहासिक बदलाव की नींव रखेगा।
भारत केवल हाइड्रोजन वाहन परीक्षण नहीं कर रहा, बल्कि पूरी तरह से एक नए परिवहन तंत्र की नींव रख रहा है। यदि ये परीक्षण सफल होते हैं, तो निकट भविष्य में हाइड्रोजन-संचालित वाणिज्यिक वाहन आम हो सकते हैं, जिससे उत्सर्जन में कमी आएगी और लॉजिस्टिक्स उद्योग का कायाकल्प होगा।
यात्रा लंबी है, लेकिन हाइड्रोजन टैंक में होने के कारण, भारत एक स्वच्छ और अधिक स्थायी भविष्य की ओर तेजी से बढ़ रहा है। नई लॉन्च, कमर्शियल वाहनों और इंडस्ट्री से जुड़ी ताजा खबरों और अपडेट्स के लिए 91Trucks के साथ जुड़े रहें। 91Trucks कमर्शियल वाहन इंडस्ट्री से जुड़ी नवीनतम जानकारी और अपडेट प्रदान करने वाला सबसे तेजी से बढ़ता डिजिटल प्लेटफॉर्म है।